Thursday, May 16, 2019

"Прорыва не чувствуется": как госсекретарь США встретился с Путиным

В Сочи прошли переговоры госсекретаря США Майка Помпео с президентом России Владимиром Путиным. В Кремле увидели деловой настрой Америки и приветствовали желание президента США Дональда Трампа встретиться с Путиным, но прорыва в отношениях стран не почувствовали. Ни Украину, ни права человека в России, ни дело Майкла Калви Помпео с Путиным не обсудили.

Помпео завершил свой первый рабочий визит в Россию, он продлился меньше суток. Глава американского внешнеполитического ведомства провел трехчасовые переговоры с министром иностранных дел России Сергеем Лавровым, затем его принял президент Путин, их встреча продолжалась полтора часа.

"Сегодняшние встречи стали позитивным шагом вперед. США и Россия в прошлом демонстрировали, что могут взаимодействовать по ключевым международным вопросам. Мы призываем Россию работать с нами, чтобы изменить траекторию отношений на благо обеих наций", - написал в "Твиттере" Помпео.

В переговорах также участвовали Лавров, глава Службы внешней разведки Сергей Нарышкин и помощник президента Юрий Ушаков. С американской стороны присутствовали посол США в России Джон Хантсман, спецпредставитель США по сирийскому урегулированию Джеймс Джеффри и исполняющий обязанности заместителя госсекретаря Филип Рикер.

Перед началом переговоров Путин рассказал о недавнем телефонном разговоре с Трампом. По словам российского президента, у него сложилось впечатление, что президент США настроен на восстановление российско-американских связей и контактов.

В свою очередь Помпео сказал, что Россия и США могут сотрудничать в области поддержания стратегической стабильности и в вопросах, связанных с КНДР.

"Прорыва пока, конечно, не чувствуется, но деловой настрой проявился с американской стороны", - заявил помощник президента Ушаков журналистам после встречи.

Путин и Помпео перед прессой по окончанию переговоров не выступали.

О чем поговорили
По словам Ушакова, президент и глава госдепартамента "в общем плане" обсудили возможную встречу лидеров США и России на саммите "Большой двадцатки" в Японии​​​. О желании провести такую встречу накануне объявил президент Трамп.

"Мы сказали, что мы как всегда открыты к такого рода контактам и будем сейчас ожидать от американцев конкретизации предложения, которое сделал Трамп на этот счет, - рассказал Ушаков. - Мы готовы к проведению любых встреч, любых контактов, особенно на высшем уровне, они очень важны".

По его мнению, "всем выгодно, чтобы президенты двух ведущих стран сели спокойно поговорили по актуальным вопросам".

Ушаков также рассказал, что Путин и Помпео обсудили международную проблематику, в частности, вопросы стратегической стабильности и актуальные региональные проблемы - ситуацию вокруг Сирии, вокруг КНДР, Афганистан, Ливию, Иран, Венесуэлу.

Что касается КНДР, по словам Ушакова, северокорейским властям нужны международные гарантии безопасности в ответ на их шаги по денуклеаризации: "Мы вынесли из этой беседы, что американцы в принципе готовы продолжить работу с Пхеньяном, несмотря на сбой, который произошел в ходе последнего контакта Трампа с северокорейским лидером".

Говоря о ситуации в Афганистане, Ушаков подчеркнул, что Кремль настроен на более активное взаимодействие. "Наш президент заметил, что афганское урегулирование - это история довольно-таки тяжелая, процесс идет сложно, причем позиции "Талибана" (движение признано террористическим и запрещено в России. - Би-би-си) даже усиливаются", - рассказал представитель Кремля.

"Мы в сирийском контексте обсудили важность совместной борьбы с международным терроризмом", - добавил он.

О чем не говорили
Несмотря на широкое обсуждение международной проблематики, ситуацию на Украине Путин с Помпео не затронули.

"Украины не было. Вообще не было", - сказал Ушаков. Конфликт в районе Керченского пролива, когда российские пограничники захватили украинские корабли, стал поводом для отмены переговоров Трампа и Путина на саммите G20 в Аргентине в декабре.

Не говорили Путин и Помпео и о деле основателя фонда Baring Vostok, гражданина США Майкла Калви. Его и еще пятерых человек обвиняют в мошенничестве в особо крупном размере. По версии следствия, они похитили 2,5 млрд рублей (38,5 млн долларов) у банка "Восточный". Калви с середины февраля сидел в СИЗО, в начале апреля его перевели под домашний арест.

Friday, May 3, 2019

नवीन पटनायक क्या सबसे लंबे वक़्त तक मुख्यमंत्री बने रहने का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे?

ओडिशा की राजनीति में नवीन पटनायक के उनके बीगल कुत्तों 'ब्रूनो' और 'रॉक्सी' के अलावा कोई दोस्त नहीं है. नवीन की ज़िंदगी में नाटकीयता के लिए कोई जगह नहीं है.

अच्छा भाषण देना उनके गुणों में शामिल नहीं है. अच्छा भाषण देना तो दूर वो अपने लोगों की भाषा तक नहीं बोल सकते हैं. उनके सभी भाषण उनके साथी 'रोमन स्क्रिप्ट' में तैयार करते हैं और वो उसे 'रोबोट' की तरह पढ़ भर देते हैं.

कई बार वो शब्दों का ग़लत उच्चारण करते हैं. लेकिन उनके लोग इससे नाराज़ होने के बजाए अपनी ख़ुशी का इज़हार करते हैं.

नवीन पटनायक की जीवनी लिखने वाले रूबेन बनर्जी बताते हैं, ''जब नवीन साल 2000 में ओडिशा विधानसभा का चुनाव लड़ने आए तो उन्हें उड़िया बोलनी नहीं आती थी, क्योंकि तब तक उन्होंने लगभग अपनी पूरी उम्र ओडिशा के बाहर बिताई थी. मुझे याद है वो अपने भाषण के शुरू में 'रोमन' में लिखी एक लाइन बोलते थे, 'मोते भॉलो उड़िया कॉहबा पाई टिके समय लगिबॉ.''

''लेकिन इसका उन्हें फ़ायदा हुआ. उस समय ओडिशा में राजनीतिक वर्ग इतना बदनाम हो चुका था कि लोगों को नवीन का उड़िया न बोल पाना अच्छा लग गया. लोगों ने सोचा कि इसमें और दूसरे राजनेताओं में फ़र्क है. ये ही हमें बचाएंगे. इसलिए उन्होंने नवीन को मौका देने का फ़ैसला किया.''

''नवीन अभी भी ढ़ंग से उड़िया नहीं बोल सकते, लेकिन उस समय उन्होंने लोगों से बिना उनकी ज़ुबान बोले जो संवाद स्थापित किया, वो अब भी बरकरार है. क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि ममता बनर्जी बांग्ला में बात किए बिना बंगाल के लोगों से वोट मांग सकती हैं? अब तो हालत ये है कि नवीन लोगों से उनकी भाषा में बात करें या अंग्रेज़ी में बात करें या फ़्रेंच भी बोलें तो भी कोई फ़र्क नहीं पड़ता.''

नवीन पटनायक के ओडिशा में कई अंतर्विरोध हैं. इस राज्य में भारत के सबसे ग़रीब लोग रहते हैं. फिर भी आपको भुवनेश्वर, कटक और पुरी की सड़कों पर कुछ ही भिखारी दिखाई देंगे.

ओडिशा का साक्षरता प्रतिशत शायद भारत में सबसे कम है, लेकिन तब भी प्रतियोगात्मक परीक्षाओं में ओडिशा से निकलने वालों की तादाद भारत के अन्य इलाकों से ज़्यादा है.

सार्वजनिक स्वास्थ्य के मामले में भी ओडिशा की गिनती भारत के चोटी के राज्यों में नहीं होती फिर भी यहाँ के शहर अपेक्षाकृत साफ़ दिखाई देते हैं, जहाँ सड़कों पर नियम से झाड़ू दी जाती है और जहाँ भारत के अन्य हिस्सों की तरह नालियाँ बंद नहीं होतीं.

नवीन के बारे में मशहूर है कि वो शायद भारत के सबसे चुप रहने वाले राजनेता हैं जिन्हें शायद ही किसी ने ऊँची ज़ुबान में बात करते सुना है.

हाल ही में नवीन पटनायक की जीवनी लिखने वाले अंग्रेज़ी पत्रिका आउटलुक के संपादक रूबेन बनर्जी बताते हैं, ''आप उनसे मिलेंगे तो पाएंगे कि उन से बड़ा मृदु- भाषी, शिष्ट, संभ्रांत और कम बोलने वाला शख़्स हैं ही नहीं.. कभी कभी तो लगता है कि वो राजनेता हैं ही नहीं. लेकिन सच ये है कि भारत में उनसे बड़े राजनीतिज्ञ कम लोग हैं.''

''वो न सिर्फ़ राजनीतिज्ञ हैं बल्कि निर्मम राजनीतिज्ञ हैं. इस हद तक कि पहुंचे हुए राजनीतिज्ञ भी उनका मुक़ाबला नहीं कर सकते. कुछ लोग कहते हैं कि राजनीति उनकी रगों में है. लेकिन ये भी सच है कि अपने जीवन के शुरुआती 50 सालों में उन्होंने राजनीति की तरफ़ रुख़ नहीं किया. लेकिन एक बात पर सभी एकमत हैं कि नवीन बहुत चालाक हैं. ओडिशा में उनकी टक्कर का राजनेता दिखाई नहीं देता.''

नवीन पटनायक को राजनीति विरासत में मिली थी. उनके पिता बीजू पटनायक न सिर्फ़ ओडिशा के मुख्यमंत्री थे बल्कि जाने माने स्वतंत्रता सेनानी और पायलट थे. दूसरे विश्व युद्ध, इंडोनेशिया के स्वतंत्रता संग्राम और 1947 में कश्मीर पर पाकिस्तान के हमले के दौरान उनकी भूमिका को अभी तक याद किया जाता है.

बीजू पटनायक के जीवनीकार सुंदर गणेशन अपनी किताब 'द टॉल मैन' में लिखते हैं, ''बीजू पटनायक ने दिल्ली की सफ़दरजंग हवाई पट्टी से श्रीनगर के लिए अपने डकोटा डी सी-3 विमान से कई उड़ानें भरी थीं. 17 अक्तूबर 1947 को वो लेफ़्टिनेंट कर्नल देवान रंजीत राय के नेतृत्व में 1- सिख रेजिमेंट के 17 जवानों को ले कर श्रीनगर पहुंचे थे.''

''उन्होंने ये देखने के लिए कि हवाई पट्टी पर पाकिस्तानी सैनिकों का कब्ज़ा तो नहीं हो गया था, दो बार बहुत नीची उड़ान भरी थी. प्रधानमंत्री नेहरू की तरफ़ से उन्हें साफ़ निर्देश थे कि अगर उन्हें ये लगे कि हवाई पट्टी पर पाकिस्तान का नियंत्रण हो गया है तो वो वहाँ पर अपना विमान न उतारें.''

''बीजू पटनायक ने विमान को ज़मीन से कुछ ही मीटर ऊपर उड़ाते हुए देखा कि विमान पट्टी पर एक भी शख़्स मौजूद नहीं था. उन्होंने अपने विमान को नीचे उतारा और वहाँ पहुंचे 17 भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी हमलावरों को खदेड़ने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.''

एक बार उन्होंने बाकू, अज़ेरबैजान से उड़ान भर कर स्टेलिनग्राड में जर्मन सैनिकों से घिरे रूसी सैनिकों को हथियार पहुंचाए थे. उसी तरह 1942 में बर्मा में जापान के कब्ज़े के दौरान भारी बमबारी के बीच ब्रिटिश लोगों को वहाँ से बचा कर लाए थे. जब बीजू पटनायक का देहांत हुआ तो उनके ताबूत पर तीन देशों के झंडे लिपटे हुए थे - भारत, रूस और इंडोनेशिया.

Tuesday, April 30, 2019

वाराणसी: मोदी को चुनौती दे रहे अजय राय क्या कांग्रेस के ख़िलाफ़ बोले?

सोशल मीडिया यूज़र्स का दावा: 'उत्तर प्रदेश के वाराणसी संसदीय क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ चुनाव लड़ रहे कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय अब अपनी ही पार्टी के ख़िलाफ़ बोल रहे हैं'.

इस दावे के साथ फ़ेसबुक और ट्विटर पर ढाई मिनट का एक वीडियो तेज़ी से शेयर किया जा रहा है.

पिछले सप्ताह गुरुवार को ही कांग्रेस पार्टी ने वाराणसी संसदीय क्षेत्र से अजय राय के नाम की घोषणा की थी जिसके बाद से यह वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट होना शुरू हुआ.

इससे पहले कहा जा रहा था कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी पीएम नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ वाराणसी से चुनाव लड़ सकती हैं.

फ़ेसबुक पर जिन लोगों ने यह वीडियो पोस्ट किया है, उन्होंने वीडियो के साथ लिखा है, "ये हैं वाराणसी में मोदी के विरुद्ध कांग्रेसी उम्मीदवार अजय राय. क्या कह रहे हैं ज़रूर सुनें".

सोशल मीडिया यूज़र्स वायरल वीडियो में दिख रहे जिस शख़्स को कांग्रेस नेता अजय राय बता रहे हैं, उन्हें वीडियो में यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'माँ और बेटे की जोड़ी' ने इतनी पुरानी कांग्रेस पार्टी को बर्बाद कर दिया है.

वीडियो में ये शख़्स कहता है कि "परिवारवाद की राजनीति हमारी पार्टी के लिए घातक है. ये मेरी व्यक्तिगत राय है. लेकिन कल जब आप पार्टी की कोर कमेटी की मीटिंग में जायें तो ये सोच समझकर चलना है कि हिंदुस्तान के अंदर उसने चिल्ला-चिल्लाकर माँ-बेटे की राजनीति का सूपड़ा साफ़ करने की तैयारी कर ली है."

फ़ैक्ट चेक टीम ने अपनी पड़ताल में पाया कि वीडियो में मूछों के कारण कांग्रेस नेता अजय राय की तरह दिख रहा शख़्स कांग्रेस पार्टी से संबंधित नहीं है.

ये वीडियो मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में रहने वाले अनिल बूलचंदनी का है जो पेशे से एक व्यापारी हैं.

इस वीडियो को लेकर हमने बूलचंदनी से बात की.

अनिल बूलचंदनी के अनुसार 8 फ़रवरी 2019 को उन्होंने यह वीडियो फ़ेसबुक पर पोस्ट किया था.

वीडियो के साथ उन्होंने लिखा था, "मेरे द्वारा नाटकीय रूपांतरण..."

इस वीडियो के बारे में बूलचंदनी ने बीबीसी को बताया, "मैंने यह वीडियो एक फ़िल्म के ऑडिशन के लिए बनाया था. उस फ़िल्म में मुझे विधायक के रोल के लिए कहा गया था."

बीबीसी स्वतंत्र रूप से बूलचंदनी के इस दावे की पुष्टि नहीं कर सकता है कि उन्होंने यह वीडियो वाक़ई किसी फ़िल्म के ऑडिशन के लिए बनाया था या नहीं.

बूलचंदनी का जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसके बारे में उन्होंने 12 अप्रैल को एक फ़ोटो भी पोस्ट की थी और लिखा था, "मुझसे ज़्यादा मेरा वीडियो फ़ेमस हो गया है."

उन्होंने हमें बताया कि "फ़िल्म ऑडिशन के लिए उन्होंने दो-तीन और वीडियो भी बनाये थे, लेकिन यही एक वीडियो सबसे ज़्यादा सर्कुलेट हुआ".

अनिल बूलचंदनी ने बीबीसी से कहा कि वो भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा को पसंद करते हैं और पार्टी के सक्रिय समर्थक हैं.

भोपाल से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत कुछ अन्य बीजेपी नेताओं के साथ अनिल बूलचंदनी की तस्वीरें उनके फ़ेसबुक टाइमलाइन पर देखी जा सकती हैं.

Thursday, April 4, 2019

राहुल ने नामांकन भरा, प्रियंका ने कहा- वे मेरी नजर में सबसे साहसी

वायनाड. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केरल के वायनाड से पर्चा भरा। इसके बाद उन्होंने रोड शो भी किया। इसमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी शामिल हुईं। प्रियंका ने कहा कि मेरी नजर में राहुल सबसे साहसी हैं। कांग्रेस महासचिव ने वायनाड की जनता से अपील की कि राहुल का ख्याल रखना। वायनाड में 23 अप्रैल को मतदान होगा। एनडीए ने यहां से तुषार वेलापल्ली को उम्मीदवार बनाया है। राहुल पहली बार अमेठी के साथ ही दूसरी सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं।

'देश की भाषा-संस्कृति पर हमला हो रहा'

राहुल ने कहा, ''जिस तरह से नरेंद्र मोदी सरकार और आरएसएस काम कर रहा है, उसे कई लोगों को यह लग रहा था कि उनकी संस्कृति पर हमला हो रहा है। यही कारण है कि मैंने अमेठी के अलावा वायनाड से भी चुनाव लड़ने का फैसला किया। आज मोदी सरकार में अलग-अलग प्रांत, धर्म के लोगों की संस्कृति पर हमला हो रहा है। भारत एक देश है, मैं यही संदेश देने आया हूं। मोदी सरकार और संघ नागपुर में बैठकर देश की भाषा और संस्कृति पर हमला कर रहे हैं। चौकीदार ने अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए दिए हैं। उसी का खुलासा करना है। मेरे यहां से चुनाव लड़ने से सीपीएम जरूर नाराज है, लेकिन हम सब एक हैं और मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगा।''

तीन राज्यों को जोड़ती है वायनाड की सीमा
कांग्रेस नेता एके एंटनी ने बताया कि राहुल ने अमेठी के अलावा वायनाड को चुना है, इसकी कई वजह हैं। एक तो ये है कि यह सीट सांस्कृतिक और भौगोलिक रूप से काफी अहम है। दूसरा यह केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु की सीमाओं को जोड़ती है। ऐसे में राहुल का यहां से चुनाव लड़ना एक तरह से पूरे दक्षिण भारत का प्रतिनिधित्व होगा।

'अमेठी छोड़कर भागे राहुल'
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पर केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ने पर तंज कसा था। शाह ने कहा था, "मैंने वॉट्सऐप पर पढ़ा कि राहुल अमेठी को छोड़कर केरल भाग गए हैं। आखिर उन्हें केरल क्यों जाना पड़ा? हम सभी जानते हैं कि राहुल का अमेठी से ही लड़ना तय था, लेकिन अब वे वहां जाकर ध्रुवीकरण की राजनीति से जीत हासिल करना चाहते हैं।"

अमेठी में भाजपा ने फिर स्मृति को उतारा
राहुल उत्तर प्रदेश की अमेठी लोकसभा सीट से 2004 से लगातार तीन बार चुनाव जीतते आ रहे हैं। भाजपा ने अमेठी से राहुल के खिलाफ इस बार भी केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को उतारा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल ने उन्हें 1.07 लाख वोटों से हराया था। हालांकि, राहुल की जीत का यह अंतर 2009 की तुलना में काफी कम था। तब राहुल 3.70 लाख वोटों से जीते थे।

Wednesday, January 23, 2019

नेपियर में 10 साल बाद भारत जीता, न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हराया

खेल डेस्क. नेपियर में खेले गए पहले वनडे में भारत ने न्यूजीलैंड को 8 विकेट से हरा दिया। इसके साथ ही टीम इंडिया पांच वनडे की सीरीज में 1-0 से आगे हो गई। नेपियर में भारत को 10 साल बाद वनडे में जीत मिली है। उसे इस मैदान पर पिछली सफलता 3 मार्च 2009 को मिली थी। टीम इंडिया ने पहली बार न्यूजीलैंड में द्विपक्षीय वनडे सीरीज के पहले मैच में जीत हासिल की है। इस मैच में न्यूजीलैंड ने टॉस जीता और बल्लेबाजी का फैसला किया। हालांकि, उसका यह फैसला गलत साबित हुआ और वह 38 ओवर में 157 रन ही बना पाई। सूर्य की तेज रोशनी के कारण मैच थोड़ी देर के लिए रोकना भी पड़ा। इसके बाद डकवर्थ लुईस नियम से भारत को 49 ओवर में 156 रन का लक्ष्य मिला। इसे टीम इंडिया ने 34.5 ओवर में 2 विकेट पर हासिल कर लिया।

भारत के लिए ओपनर शिखर धवन ने सबसे ज्यादा नाबाद 75 रन बनाए। उन्होंने 10 वनडे बाद अर्धशतक लगाया। उन्होंने इससे पहले सितंबर 2018 में पाकिस्तान के खिलाफ 114 रन की पारी खेली थी। धवन ने विराट कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 91 रन की साझेदारी की। रोहित शर्मा 11 रन बनाकर डग ब्रेसवेल की गेंद पर आउट हुए। कोहली 45 रन बनाकर लॉकी फर्गुसन की गेंद पर पवेलियन लौटे। अंबाती रायुडू 13 रन बनाकर नॉटआउट रहे।

धवन के पांच हजार वनडे रन पूरे

धवन ने इस पारी में 10 रन बनाते ही वनडे में अपने 5 हजार रन पूरे कर लिए। इसके लिए उन्होंने 118 पारियां खेलीं। वे भारत के लिए सबसे कम पारियों में 5 हजार रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज हैं। इस मामले में उनसे आगे कप्तान विराट कोहली

सूर्य की तेज रोशनी से खेल रुकाभारतीय पारी के 10वें ओवर में धवन सूर्य की तेज रोशनी के कारण गेंद को नहीं देख पा रहे थे। इस कारण करीब आधे घंटे खेल रुका रहा। दोबारा खेल शुरू होने पर अंपायर्स ने भारत के लक्ष्य को 158 से 156 कर दिया। वहीं, 50 की जगह 49 ओवर कर दिए। दरअसल, दुनिया में ज्यादातर पिचें उत्तर-दक्षिण दिशा में बनाई जाती है, लेकिन नेपियर में पूर्व-पश्चिम में है। इससे सूर्य की किरणें बल्लेबाज की आंखों पर सीधे पड़ती हैं। इस मैदान पर ऐसा अक्सर होता है।

कुलदीप ने चार और शमी ने तीन विकेट लिए

न्यूजीलैंड के लिए कप्तान केन विलियम्सन ने सबसे ज्यादा 61 रन बनाए। यह उनके करियर का 36वां अर्धशतक है। भारत के लिए कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 4 विकेट लिए। मोहम्मद शमी ने तीन और युजवेंद्र चहल ने दो विकेट लिए। केदार जाधव को एक सफलता मिली। शमी ने गुप्टिल को आउट कर वनडे में अपने 100 विकेट पूरे किए। वे सबसे कम मैच में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले भारतीय बने। उन्होंने इरफान पठान के 59 मैच का रिकॉर्ड तोड़ा।

पहला विकेट : मोहम्मद शमी ने पारी के दूसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर न्यूजीलैंड को पहला झटका दिया। उन्होंने ओपनर गुप्टिल को बोल्ड कर दिया। यह शमी का पहला ही ओवर था। गुप्टिल ने 9 गेंद की पारी में एक चौके की मदद से पांच रन बनाए।
दूसरा विकेट : शमी ने अपने दूसरे ओवर में भारत को दूसरी सफलता दिलाई। उन्होंने दूसरे ओपनर कॉलिन मुनरो को भी बोल्ड कर दिया। मुनरो ने 9 गेंद में 8 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने दो चौके लगाए।
तीसरा विकेट : शमी के बाद चहल ने भारत को तीसरी सफलता 15वें ओवर की तीसरी गेंद पर दिलाई। उन्होंने रॉस टेलर के कैच को खुद ही लिया। टेलर ने 41 गेंद में तीन चौकों की मदद से 24 रन बनाए।
चौथा विकेट : चहल ने टेलर के बाद टॉम लाथम को भी पवेलियन भेज दिया। 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चहल ने लाथम का कैच खुद ही लिया। लाथम ने 10 गेंद में 11 रन बनाए।
पांचवां विकेट : 24वें ओवर की आखिरी गेंद पर केदार जाधव ने न्यूजीलैंड को पांचवां झटका दिया। उन्होंने हेनरी निकोलस को कुलदीप के हाथों कैच आउट कराया। निकोलस ने 17 गेंद में 12 रन बनाए।
छह विकेट : शमी अपना दूसरा स्पेल करने 30वें ओवर में आए। उन्होंने चौथी ही गेंद पर सैंटनर को एलबीडब्ल्यू कर दिया। सैंटनर ने 21 गेंद में 14 रन बनाए।
सातवां विकेट : 34वें ओवर की पहली गेंद पर कुलदीप यादव ने मैच में अपना पहला विकेट लिया। उन्होंने कीवी कप्तान विलियम्सन को विजय शंकर के हाथों कैच आउट कराया। विलियम्सन ने 81 गेंद में 64 रन बनाए।
आठवां विकेट : कुलदीप ने उसी ओवर की पांचवीं गेंद पर न्यूजीलैंड को आठवां झटका दिया। उन्होंने डग ब्रेसवेल को 7 के निजी स्कोर पर बोल्ड कर दिया।
नौवां विकेट : 36वें ओवर की दूसरी गेंद पर न्यूजीलैंड को नौवां झटका लगा। कुलदीप ने लॉकी फर्गुसन को महेंद्र सिंह धोनी के हाथों कैच आउट कराया। फर्गुसन अपना खाता भी नहीं खोल सके।
दसवां विकेट : आखिरी विकेट के रुप में ट्रेंट बोल्ट आउट हुए। कुलदीप ने उन्हें स्विप में रोहित शर्मा के हाथों कैच आउट कराया। उन्होंने एक रन बनाए।

1600 वनडे खेलने वाला तीसरा देश बना भारत
भारत का यह 1600वां वनडे था। भारत ने 1932 में अपना क्रिकेट सफर शुरू किया था। उसने अब तक 533 टेस्ट, 956 वनडे और 110 टी-20 खेले हैं। टीम इंडिया 1600 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दुनिया की तीसरी टीम बन गई। उससे पहले ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड यह मुकाम हासिल कर चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया ने अब तक 1854 और इंग्लैंड ने 1833 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। भारत ने अब तक 1600 मैच में 714 जीते और 615 हारे हैं, जबकि 217 ड्रॉ रहे और 11 टाई रहे। 43 मैच बेनतीजा रहे।

भारत ने टीम में दो बदलाव किए

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पिछले वनडे की टीम में दो बदलाव किए। अंबाती रायडू और कुलदीप यादव की टीम में वापसी हुई। दिनेश कार्तिक और रविंद्र जडेजा को बाहर किया गया।

दोनों टीमें इस प्रकार है:
भारत: रोहित शर्मा, शिखर धवन, विराट कोहली (कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), केदार जाधव, अंबाती रायडू, वियज शंकर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी।

न्यूजीलैंड: मार्टिन गुप्टिल, कॉलिन मुनरो, केन विलियम्सन (कप्तान), रॉस टेलर, हेनरी निकोलस, टॉम लाथम, मिशेल सैंटनर, डग ब्रेसवेल, टिम साउदी, लॉकी फर्गुसन, ट्रेंट बोल्ट।

Friday, January 11, 2019

习近平讲话和台湾政坛:民意回归和谷底翻身的蔡英文

中国领导人习近平本月初提出的“两制台湾方案”,再次将一国两制端上台面。蔡英文的强势回应,在民意上获得台湾民众支持,不但一扫民进党地方选举失利阴霾,也可能会改变台湾政治格局。

习近平在中国纪念《告台湾同胞书》发表四十周年大会上强调中国人不打中国人,但不会放弃武力统一台湾,以对抗台独以及境外势力。其讲话在台湾政坛及民间引起千层浪。蔡英文政府于习谈话当天下午立即回复习近平,强调两个政府的谈判只能民主授权。在提到习近平话语中引述的“九二共识”,蔡英文说这证实了习把它等同“一国两制”,台湾没有人能接受,并要求各政党应该放弃使用九二共识。

根据多数台媒分析,蔡英文的强硬回应,不只是引起国际各界关注,她在台湾内部的政治声势,立即“由黑翻红”将一个月前的败选阴霾扫除一大半。许多报导戏称"蔡英文死里逃生"或是"蔡英文路上捡到枪,(台湾网路用语,意指火力全开)",蔡英文政府一反过去被外界评论为"谨慎近于迟钝"的执政风格,她本人以及行政各部会迅速强势的在记者会以及各大社交媒体回应中国以及相关批评,让各界耳目一新,认为蔡英文引人诟病的"无感施政"终于有所进步。

蔡英文在发表对习近平的强烈回应之后,其发表的文章宣告以及她本人在社交软体譬如脸书,或电子布告栏PTT以及搜索引擎(一般使用google trends 调查)的被搜索度突然激增。大数据统计公司,DailyView网路温度计对台湾媒体提及,根据他们的统计,习近平抛出一国两制后,蔡英文的网路人气飙升。原因与蔡英文的脸书经营战略进步有关。该公司提到,蔡英文这次回应习近平的策略,是用自己的肖像压上表达立场的文字宣言,并取得良好效果,不仅在短时间内有1万多次的分享,还有14万人点赞。

谷底翻身的蔡英文
在1月2号,蔡英文回应习近平告台湾同胞书之前,没有太多人对蔡英文施政还有信心。蔡被媒体公认为被“打趴”倒地的败将,即将过去的政治人物。中共官媒环球日报因而注解“蔡英文第一个任期刚过半,就在九合一中输得溃不成军,这显示出,蔡英文是台湾开始竞争选举以来执政最差的一届行政当局。” 民进党已经被认为极有可能在2020出局。

胜选的国民党则是动作频频,在蔡英文声望已经跌落谷底时,立即对2020总统选举表示兴趣。其中,前新北市长朱立伦,在去年底已经公开正式参选国民党党内总统选举初选。前总统马英九,副总统吴敦义以及前行政院长王金平都在媒体暗示有意加入2020总统大选。而台北市长柯文哲也被各大政治评论家分析绝对参选,并有可能领先的候选人。根据去年底台湾多家媒体民调,柯文哲胜选2020总统的可能性最高。

然而,习近平的告台湾同胞书,却让蔡英文支持度逆风而起。蔡英文强硬的回应让媒体措手不及。她对一国两制的拒斥以及对中国政府在猪瘟议题上的高调表达,让曾经支持她的三大板块:深绿选民,「天然独」年轻人,以及中间选民成功在她的言语下召唤回来。

这场习近平发言后的政治海浪,也让对手国民党措手不及。尤其与中共政府有所接触的国民党高层,乱了阵脚,一再以九二共识为全民主张为自己辩护。蓝绿板块又各自归位,2020总统,蔡英文从被认为出局的参选人,又站回战斗位置。

Sunday, January 6, 2019

सिडनी में विराट की भारतीय टीम और जीत के बीच मौसम की दीवार

ख़राब मौसम के बाद भी इतना तय है कि विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम सोमवार को नया इतिहास रचेगी.

अब तक भारत ने ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सिरीज़ नहीं जीती है और ये तय है कि चार मैचों की मौजूदा सिरीज़ में 2-1 की बढ़त बनाए विराट कोहली की टीम इस सूखे को ख़त्म कर देगी.

लेकिन, भारतीय टीम चाहेगी कि जीत का अंतर 3-1 रहे. आखिरी दिन भारत को ऑस्ट्रेलिया के 10 विकेट लेने हैं. सिडनी के मौसम को लेकर की गई भविष्यवाणी भारत की परेशानी बढ़ाने वाली है. अनुमान है कि सिडनी में सोमवार को भी बारिश हो सकती है और खेल में बाधा आ सकती है.

बारिश और ख़राब रोशनी की वजह से रविवार को सिर्फ 25.2 ओवरों का ही खेल हो सका. दिन का खेल तीन घंटे देरी से शुरू हुआ और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट पर 236 रन के स्कोर से पारी आगे बढ़ाई.

शनिवार को नाबाद रहे पैट कमिंस ज़्यादा नहीं टिके. वो 25 रन के निजी स्कोर पर मोहम्मद शमी का शिकार बने. हैंड्सकॉम्ब को जसप्रीत बुमराह ने पैवेलियन भेजा और नॉथन लॉयन को कुलदीप यादव ने खाता भी नहीं खोलने दिया.

लेकिन मिचेल स्टार्क और जोश हेज़लवुड ने आखिरी विकेट के लिए 42 रन जोड़कर भारतीय गेंदबाज़ों को करीब एक घंटे तक विकेट के लिए इंतज़ार कराया.

कुलदीप यादव ने हेज़लवुड को 21 रन के स्कोर पर आउटकर ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी को तीन सौ रन के स्कोर पर समेट दिया. ये कुलदीप यादव का पारी में पांचवां विकेट था. छठा टेस्ट मैच खेल रहे कुलदीप ने करियर में दूसरी बार पारी में पांच विकेट हासिल किए हैं.

भारत को पहली पारी के आधार पर 322 रन की बढ़त मिली और मेहमान टीम ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन दिया.

31 साल में ये पहला मौका है जबकि ऑस्ट्रेलिया की टीम घरेलू मैदान पर फॉलोऑन को मजबूर हुई है. इसके पहले इंग्लैंड ने साल 1988 में सिडनी में ही ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन दिया था. वहीं भारतीय टीम ने भी सिडनी में ही साल 1986 में मेजबान टीम को फॉलोऑन दिया था.

दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के ओपनर मार्कस हैरिस और उस्मान ख्वाजा ने चार ओवरों में बिना नुकसान टीम के स्कोर को छह रन तक पहुंचा दिया. इसके बाद खराब रोशनी की वजह से खेल रोकना पड़ा.

肺炎疫情:为何各国死亡率差异这么大

3月底,欧洲的新冠疫情中心意大利的死亡率达到了令人震惊的11%。 新冠肺炎疫情肆虐, 色情性&肛交集合 隶属联合国、 色情性&肛交集合 主掌世界公共卫生的世 色情性&肛交集合 界卫生组织 色情性&肛交集合 (WHO,简称世卫) 色情性&肛交集合 遭美国总统特朗普批评,特朗普指世...